June 19, 2024
महात्मा गांधी

हम गांधी तभी बन सकते हैं जब गांधी के व्यवहार के साथ जिया जाए: विजय गोयल

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प्रेस विज्ञप्ति: दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव एवं आजादी के 75 वे अमृत महोत्सव के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित गांधी भवन में आज दिनांक 26 मई, 2022 को सामाजिक विज्ञान संकाय के सत्यकाम ऑडिटोरियम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों के संदर्भ में एक विशेष लेक्चर का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक” गांधी को अपनाने की जरूरत है” विषय पर रखा गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय गोयल, गांधी स्मृति भवन के उपाध्यक्ष और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री जी की गरिमामय उपस्थिति रही। श्री विजय गोयल जी ने महात्मा गांधी के जीवन के विभिन्न आयामों, उनके संघर्ष, त्याग, सत्याग्रह, समर्पण , सत्य और अहिंसा के मूल मंत्रों को आज की पीढ़ी को अपनाने पर बल दिया और आज के समृद्ध भारत के लिए सेवा भाव रखने की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि हम गांधी तभी बन सकते हैं जब गांधी के व्यवहार के साथ जिया जाए।

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इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने की। विशेष सानिध्य डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर बलराम पाणी का रहा।
विशिष्ट अतिथि श्री सतीश उपाध्याय, उपाध्यक्ष, महानगर कार्यपालिका परिषद , नई दिल्ली, प्रोफेसर कुमार रत्नम, सदस्य सचिव, अखिल भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष, प्रोफेसर एके भागी , जैसे सम्मानित महानुभाव ने महात्मा गांधी की सरलता,कार्य के प्रति दक्षता एवं जीवन के प्रत्येक संघर्ष में सत्य, अहिंसा और कर्मठता को समस्त भारतीयों को अपनाने पर बल दिया।

सभी वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महात्मा गांधी को सिर्फ पढ़ने की जरूरत नहीं है बल्कि उनके विचारों और उनके प्रयोगों को आत्मसात करके प्रत्येक भारतीय को अपनाने की भी ज़रुरत है।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, कॉलेजों के शिक्षक एवं सभी महाविद्यालयों से छात्रों की भरपूर उपस्थिति रही। कार्यक्रम का बेहद सफल संचालन गांधीवादी विचारक डॉक्टर कुमार रमन ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मनीष द्वारा संपन्न हुआ।