June 14, 2024
अकादमिक परिषद सदस्यों

एनडीटीएफ के अकादमिक परिषद सदस्यों ने शिक्षक नियुक्ति के मुद्दें को एकेडमिक कॉउन्सिल में उठाया

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प्रेस विज्ञप्ति:- नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अकादमिक परिषद सदस्यों ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में हो रहे विलंब के मुद्दें को अकादमिक परिषद की बैठक में पुरजोर तरीके से उठाया ,जिसका संज्ञान लेते हुए कुलपति ने कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय के विभागों एवं कॉलेजों में रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसको लेकर वीसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रिंसिपल एशोसिएशन से रोस्टर कार्य को शीघ्र पूरा करने में सहयोग करने के लिए भी कहा है।

एनडीटीएफ के सदस्यों ने जिन शिक्षकों के प्रमोशन रद्द हुए है ,उनकी डेट ऑफ एल्जिबलिटी का मुद्दा उठाते हुए शिक्षकों की वरीयता पर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा। वीसी ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों के प्रमोशन रद्द हो गए हैं उनकी डेट ऑफ रिजेक्शन को डेट ऑफ एल्जिबलिटी नही माना जाएगा। ऐसे रद्द हुए केस में शिक्षकों की डेट ऑफ एल्जिबलिटी में से केवल एक वर्ष कम किया जाएगा। प्रमोशन में नोशनल इंक्रीमेंट से संबंधित विषय पर यूजीसी अधिनियम का हवाला देते हुए सवाल उठाया गया,  जिस पर वीसी ने जल्द कार्यवाही का भरोसा दिया।

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कौंसिल की मीटिंग में अकादमिक परिषद सदस्यों ने 28 कॉलेजों में आम आदमी पार्टी की गवर्निंग बॉडी की अनियमितता का मुद्दा भी उठाया। दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों को फंड ना दिए जाने के चलते ग्रामीण क्षेत्र के अदिति, भगिनी निवेदिता जैसे कॉलेजों में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपनी सैलरी का महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में फंड के अभाव में बिजली बिल बकाया होने के चलते बिजली कनेक्शन काटने का नोटिस भी आया हुआ है।

एनडीटीएफ के सभी सदस्यों ने दिल्ली सरकार के वित्त पोषित कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी को लेकर विद्वत परिषद की विशेष मीटिंग बुलाये जाने की मांग की और साथ ही यह भी मांग की कि 28 कॉलेजों को विश्वविद्यालय या यूजीसी के अधीन लिया जाये।

सेंट स्टीफन कॉलेज के प्रिंसिपल की पुनः नियुक्ति में बरती गई अनियमितता के मुद्दें पर वीसी ने जवाब देते हुए कहा कि,  ‘विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट का रुख किया है।’

एनडीटीएफ ने ईडब्ल्यूएस की 25 प्रतिशत सीटें कॉलेजों को जल्द जारी करने की मांग की जिसपर वीसी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय ने इस संबंध में यूजीसी को सीटों का मांग का पत्र भेजा है, जिसके जल्द सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।

कोरोना के चलते 2019 से लेकर 2022 तक के अकादमिक सत्र में शिक्षकों को किसी भी प्रकार का अवकाश नही मिल पाया। शिक्षक अपने शैक्षणिक एवं पारिवारिक कार्यों के लिए दिल्ली से बाहर नही जा पाए। शिक्षकों को विशेष रियायत दिए जाने की मांग पर विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी परिषद में इस संबंध में एक समिति का गठन किया जा चुका है।

कॉउन्सिल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के रोस्टर में गणित विषय में हुई गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया गया।

प्राध्यापकों के वर्कलोड के मुद्दे पर वीसी ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर को 14 घंटे एवं असिस्टेंट प्रोफेसर को 16 घंटे क्लास लेनी है, जिसमें कक्षा, टीटोरियल एवं प्रैक्टिकल सम्मिलित होंगे।

एनडीटीएफ के सभी सदस्यों ने 65 वर्ष से अधिक के शिक्षकों की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया, इस तरह का कोई भी कदम उठाने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को चेताया।

प्रेस प्रभारी
बिजेंद्र कुमार