June 13, 2024
स्कूलों में धार्मिक पोशाक

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने स्कूलों में धार्मिक पोशाक पर लगाई पाबंदी

Share on

हिजाब विवाद के चलते कर्नाटक के कई स्कूलों में धार्मिक पोशाक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस बीच, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने भी अपने स्कूलों में धार्मिक पोशाक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस संबंध में निगम ने आदेश भी जारी कर दिया है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने सभी स्कूलों में छात्रों को किसी भी धर्म के कपड़े नहीं पहनने के निर्देश जारी किए हैं. एसडीएमसी शिक्षा विभाग की प्रमुख नीतिका शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने आदेश में कहा है कि सभी स्कूलों में स्टूडेंट्स के लिए एक मानक यूनिफॉर्म है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों को अलग-अलग धार्मिक पोशाक में भेज रहे हैं, जो गलत है.

हिजाब विवाद: कर्नाटक हाई कोर्ट के अंतरिम फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

हिजाब विवाद: कर्नाटक के हिजाब विवाद पर अमेरिका का बयान, देखिये क्या कहा

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एसडीएमसी द्वारा छात्रों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म छात्रों को बेहद खूबसूरत बनाती है और छात्रों को उसी यूनिफॉर्म में स्कूल आना चाहिए. विभाग ने कहा कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम जरूरत पड़ने पर छात्रों की यूनिफॉर्म का रंग भी समय-समय पर बदलता रहता है, ताकि बच्चों में उत्साह बना रहे और विभिन्न वर्ग व धर्म के बच्चे स्कूल में समानता बानी रहे. विभाग ने कहा कि किसी भी बच्चे में अमीरी-गरीबी को लेकर हीन भावना पैदा न हो, लेकिन पिछले कुछ समय से यह देखने में आया है कि कुछ अभिभावक अपने बच्चों को स्कूलों में धार्मिक पोशाक पहनाकर भेज रहे हैं जो सही नहीं है।

दक्षिण दिल्ली शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्कूल यूनिफॉर्म के नियमों का पालन न करने से बच्चों के मन में असमानता की भावना पैदा होगी. यह बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है। इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बच्चे अपने क्षेत्र के स्कूलों में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा निर्धारित वर्दी में ही आएं। छात्र स्कूल प्रतियोगिता या उत्सव में एक अलग ड्रेस कोड के साथ आ सकते हैं। सामान्य दिनों में छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म में ही स्कूल आना होगा।